Tuesday, March 26, 2013
Friday, March 22, 2013
Friday, March 15, 2013
Friday, March 8, 2013
Tuesday, March 5, 2013
कृष्ण
हे भक्त-वत्सल,हे कृष्णा
ओ मेरे बंधू,मेरे सखा,
प्रतिदिन ध्यान धर सकूं तुम्हारा,
इतना सौभाग्य दे दो तुम.
इस माया-जाल मैं देख सकूं तुमको,
दे दो ऐसी दृष्टि तुम
निष्कपट कर दो ह्रदय को,
बस जाओ मेरी भावना मैं तुम
कर्म,सत्कर्म बन जाए प्रभु,
हाथ पकड़ लो आकर तुम
महसूस करूँ तुम्हे मैं चहुँ ओर,
बन जाओ मेरी अनभूति तुम
अनेक विकार जकड़े हैं मुझको,
मुक्त कर अपना कैदी कर लो तुम
ओर क्या कहूं तुमसे करुणा-निधान
बन जाओ मेरी परछाई तुम
Monday, March 4, 2013
Friday, March 1, 2013
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