Tuesday, August 27, 2013
Monday, August 26, 2013
Saturday, August 24, 2013
Tuesday, August 20, 2013
Sunday, August 11, 2013
Wednesday, August 7, 2013
लोग कहते हैं की मन की गति बड़ी तेज होती है,जाने कितनी दूरियां पल भर में तय करने की सामर्थ्य है इसमें,फिर चाहे बात चाँद सितारों की हो या किसी के मन के भावों को बिना बोले पढ़ लेने की और कमाल की बात है ये खासियत सबके पास है............विरोधाभासी दिशाओं में भी ऐसे विचरण कर लेता है कि लगता नहीं कि एक ही है ये .कभी ऐसा प्रतीत होता है ना कि मानो 'ईश्वर' ने मन रूपी अवतार लिया हो,तभी तो एक साथ इतनी जगह हो सकता है,नहीं तो किसी लौकिक शक्ति की क्या सामर्थ्य .........तो क्या मन अलौकिक है ?या ये कहा जाए ईश्वर ने अपना दिव्यांश दिया है मन के रूप में,और कोशिश छोड़ दी गयी हम पर उसे अंश से पूर्णता देने की.
सारिका आशुतोष मूंदड़ा
Tuesday, August 6, 2013
Saturday, August 3, 2013
Thursday, August 1, 2013
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