मानव जीवन एक दशहरा,
छिपा है जैसे भेद सुनहरा
पंच इन्द्रियां और पंच तत्व
सकल जीवन के हैं ये 'दशरथ '
समर संपूर्ण जीवन ये चलता ,
'अग्यानी' रावण है पलता,
युक्ति, भक्ति और शक्ति संतुलन,
फिर निश्चय ही हो 'ग्यान' अवतरण
आध्यात्म रामायण का ये गहरा
जो जी ले, हो जाए सुनहरा
मानव जीवन एक दशहरा
छिपा कथा में भेद है गहरा....
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